आठ साल में एक ही जमीन पर दोबारा वृक्षारोपण: वन विकास निगम पर लाखों के बंदरबांट का आरोप, ग्रामीणों ने किया विरोध

छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ धर्मेंद्र कुमार पांडेय बिलासपुर ग्राम कुकदा में वन विकास निगम कोटा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वर्ष 2018 में जिस 25 हेक्टेयर भूमि पर लाखों रुपये खर्च कर वृक्षारोपण कराया गया था, उसी जगह पर अब आठ साल बाद दोबारा वृक्षारोपण का काम शुरू किया गया है। वर्तमान में उस स्थान से बाउंड्री वाल, तार-जाली और खंभे तक गायब हो चुके हैं तथा पूरी जगह खाली पड़ी है, जहाँ केवल कुछ ही पेड़ बचे हैं।
इस पूरी कार्रवाई का स्थानीय ग्रामीणों और जन प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुँचकर कड़ा विरोध किया और काम रुकवाने की मांग की।
#अतिक्रमण और बजट के दुरुपयोग पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि पुरानी 25 हेक्टेयर भूमि में से कुछ हिस्से पर भू-माफियाओं का अतिक्रमण हो चुका है। अब वन विकास निगम पूरी जमीन पर से अतिक्रमण हटाने के बजाय कम क्षेत्रफल पर ही दोबारा काम करा रहा है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि 2018 में किए गए वृक्षारोपण में शासन के लाखों रुपये लगे थे, जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं है और विभागीय अधिकारियों द्वारा राशि का बंदरबांट कर दिया गया। अब एक ही स्थान पर दोबारा वृक्षारोपण के नाम पर फिर से सरकारी धन के दुरुपयोग की तैयारी की जा रही है।
### प्रशासन और विभाग का पक्ष
विभागीय कार्यवाही के संबंध में **डिप्टी रेंजर अरुण सिंह * ने बताया कि यह कार्य शासन के निर्देशों के अनुसार ही किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, इस वृक्षारोपण के संबंध में ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव पास कर भेजा गया था, जिसे प्रशासन ने स्वीकृति देकर वन विकास निगम को सौंपा है।
बताया जा रहा है कि इस नए वृक्षारोपण का आगामी दिनों में कलेक्टर द्वारा औपचारिक उद्घाटन भी कराया जाना है।
ग्रामीण और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन के दौरान गांव के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। इनमें:
अजय पांडेय (जनपद सदस्य प्रतिनिधि)
**दीपक पाटनवार(उप सरपंच)
*नूर मोहम्मद(पूर्व जनपद सदस्य)
**धर्मेंद्र पांडेय कृष्ण कुमार पाटनवार*
वीरेंद्र लैहषणराकेश लैहषण
*डेविड भाभा* सोनू साहू अनिल साहू और बहुत से गांव के नागरिक उपस्थित रहे
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि प्रशासन को सबसे पहले पुरानी योजना के बजट की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और जमीन पर से अवैध अतिक्रमण हटाना चाहिए, उसके बाद ही कोई नया निर्माण कार्य शुरू किया जाए।

