बिलासपुर-सीपत-बलौदा मार्ग की खस्ताहाल सड़क का होगा कायाकल्प, ₹19.84 करोड़ की लागत से शुरू होगा नवीनीकरण कार्य।
छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ धर्मेंद्र कुमार पांडेय सीपत बिलासपुर 
बिलासपुर। क्षेत्र के यात्रियों और स्थानीय नागरिकों के लिए एक राहत भरी खबर है। पिछले लंबे समय से बदहाली के आंसू रो रहे बिलासपुर-सीपत-बलौदा मार्ग के नवीनीकरण और मजबूतीकरण का रास्ता साफ हो गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए ₹19.84 करोड़ का बजट स्वीकृत करते हुए एग्रीमेंट की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है। बारिश का मौसम बीतते ही इस मार्ग पर डामरीकरण और चौड़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
सड़क की लंबाई और लागतः लोक निर्माण विभाग अपनी सीमा में आने वाली 14.40 किलोमीटर लंबी सड़क (सीपत से कुली लीलागर नदी तक) का नए सिरे से कायाकल्प करेगा, 1 पर करीब ₹19.84 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
सड़क की लंबाई और लागतः लोक निर्माण विभाग अपनी सीमा में आने वाली 14.40 किलोमीटर लंबी सड़क (सीपत से कुली लीलागर नदी तक) का नए सिरे से कायाकल्प करेगा, जिस पर करीब ₹19.84 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
खतरनाक ‘एस’ मोड़ (ब्लैक स्पॉट) होगा खत्म: इस मार्ग पर हादसों के लिए कुख्यात हिंदादिह स्थित खतरनाक ‘एस’ आकार के पुल को सीधा किया जाएगा, जिससे आए दिन होने वाली
दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।
जलभराव से मुक्तिः बारिश के दिनों में सड़क पर पानी जमा होने की समस्या से निपटने के लिए प्रभावित इलाकों में 300 मीटर लंबी नाली का निर्माण भी कराया जाएगा।
भारी वाहनों के दबाव से मिलेगी राहत: कोरबा और बलौदा को जोड़ने वाला यह एक प्रमुख व्यावसायिक मार्ग है। भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए सड़क को बेहद मजबूत और टिकाऊ बनाया जा रहा
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जनआक्रोश और प्रशासनिक मुस्तैदी के बाद बनी बात
यह सड़क पिछले काफी समय से बड़े-बड़े गड्डों में तब्दील हो चुकी थी, जिससे राहगीरों का चलना दूभर हो गया था। टेंडर प्रक्रिया होने के बावजूद डामर की बढ़ती कीमतों के कारण ठेकेदार काम शुरू करने में आनाकानी कर रहा था। इसके बाद क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन और चक्काजाम की चेतावनी दी थी। जनता के भारी दबाव और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद आखिरकार अनुबंध फाइनल हुआ और विभाग ने वर्तमान में गड्ढों को भरने के लिए पैचवर्क शुरू करा दिया है, ताकि मुख्य काम शुरू होने तक आवागमन सुगम रहे।
विभाग ने इस पूरे प्रोजेक्ट को 22 जनवरी 2027 तक हर हाल में पूरा करने का कड़ा लक्ष्य तय किया है, जिससे बिलासपुर और कोरबा के बीच का सफर बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगा।



