साय कैबिनेट के 19 फैसले: किसानों को ₹3100 में धान खरीदी, ठेकेदारों को करोड़ों की राहत; रेल, पर्यटन और खेल पर भी बड़ा दांव! 15 नवंबर से धान खरीदी, 7.25 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत, सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज; ₹8000 करोड़ की रेल परियोजना
घोषणाओं के जमीन पर उतरने की परीक्षा कैबिनेट के सभी 19 फैसले एक नजर में
Chhattisgarh 24 news Dharmendra Kumar Pandey sipat Bilaspur1
धान खरीदी 15 नवंबर से: खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 27.50 लाख से अधिक किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर पर अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जाएगा। 360 नए केंद्रों के साथ कुल 3100 उपार्जन केंद्र होंगे। पात्र पुराने पंजीकृत किसानों को एग्रीस्टैक आईडी के आधार पर दोबारा पंजीयन से राहत मिलेगी।
2. बिजली बिल में राहत: एम-ऊर्जा योजना के तहत 200 यूनिट तक बिजली बिल में रियायत जारी रहेगी। 400 यूनिट तक मासिक खपत की पात्रता अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ाई गई है। लगभग 7.25 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
3. डामर की कीमत बढ़ने पर क्षतिपूर्ति: ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के पात्र कार्यों के लिए ₹130.88 करोड़ की राहत मंजूर की गई। राज्य वित्तपोषित सड़क कार्यों में अतिरिक्त ₹70 करोड़ से ₹100 करोड़ तक खर्च का अनुमान है।
4. सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज: शासकीय सेवकों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा तथा ऑनलाइन पूर्व-अनुमोदन और दावा प्रक्रिया को मंजूरी दी गई।
5. मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026: पांच वर्षों के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। सड़क नेटवर्क मास्टर प्लान, GIS आधारित नियोजन, डिजिटल निगरानी, गुणवत्ता जांच और सड़क सुरक्षा ऑडिट पर जोर रहेगा।
6. मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन: अगले पांच वर्षों में लगभग ₹500 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव। पर्यटन सुविधाओं, कनेक्टिविटी, स्वच्छता, सुरक्षा, होमस्टे और निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।
7. नौ राजनीतिक आंदोलन संबंधी प्रकरण: विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े नौ मामलों को जनहित में न्यायालय से वापस लेने के लिए आगे की कार्रवाई की अनुमति दी गई है। संबंधित मामलों में न्यायिक प्रक्रिया लागू रहेगी।
8. कुंरा का नाम कुंवरगढ़: रायपुर जिले की नगर पंचायत कुंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
9. कोल गैसीफिकेशन को प्रोत्साहन: औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन कर ₹1000 करोड़ या उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया।
10. 295 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना: कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल लाइन के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी। अनुमानित परियोजना लागत ₹8000 करोड़ और प्रस्तावित इक्विटी ₹2000 करोड़ है।
11. पांच पुनर्विकास परियोजनाएं: दुर्ग के शासकीय पोल्ट्री फार्म, रामानुजगंज के वेटरनरी अस्पताल परिसर, जशपुर की दो भूमि परिसंपत्तियों तथा सक्ती के बुधवारी बाजार और धमतरी के रुद्री चौक की शासकीय परिसंपत्तियों के पुनर्विकास को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। परियोजनाएं PPP मॉडल पर प्रस्तावित हैं।
12. केंद्रीय भंडारण निगम को भूमि: राजनांदगांव जिले के ग्राम खपरीकला में भंडारण सुविधा विकसित करने के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी।
13. सोमनी में फ्रूट प्रोसेसिंग परियोजना: राजनांदगांव जिले के ग्राम सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी के लिए 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने की मंजूरी। प्रस्तावित निवेश लगभग ₹400 करोड़ है। सरकार के अनुसार, 1000 से अधिक प्रत्यक्ष और 5000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
14. सुशासन विभाग में तीन नए पद: आयुक्त/संचालक, अपर संचालक और विशेषज्ञ स्तर के तीन पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
15. वन मुख्यालय में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी: नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में पीएम गति-शक्ति, प्रगति और परिवेश पोर्टल से जुड़े कार्यों के लिए पे-लेवल-16 का एक अस्थायी पद एक वर्ष के लिए स्वीकृत किया गया।
16. दिवंगत चिकित्सा प्राध्यापक के परिवार को पेंशन: स्वर्गीय डॉ. राकेश मोहन चंदोला की 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक की सेवा को परिवार पेंशन के प्रयोजन से नियमित सेवा मानते हुए पात्र परिवारजनों को पेंशन, एरियर्स और नियमानुसार ब्याज के भुगतान की स्वीकृति दी गई।
17. मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन: वर्ष 2026-27 के लिए ₹100 करोड़ का बजट प्रावधान। पहले चरण में बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, अंबिकापुर, जगदलपुर और जशपुर में फीडर सेंटर स्थापित करने की योजना है।
18. औद्योगिक भूमि नियमों में संशोधन: छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी। उद्देश्य भूमि उपयोग सरल बनाना, विवाद कम करना और रिक्त अथवा अतिशेष भूमि का पारदर्शी ई-नीलामी से उत्पादक उपयोग सुनिश्चित करना है।
19. कृषक उन्नति योजना में संशोधन: खरीफ-2026 में धान फसल के लिए आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के आधार पर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
प्रचंड प्रहार का सवाल: राहत की घोषणा, जवाबदेही का हिसाब कौन देगा?
धान खरीदी से किसानों को राहत, कैशलेस इलाज से कर्मचारियों को सुविधा और रेल-सड़क परियोजनाओं से विकास की उम्मीद है। लेकिन डामर के बढ़े दाम पर ठेकेदारों को करोड़ों की क्षतिपूर्ति के साथ सड़कों की गुणवत्ता कौन सुनिश्चित करेगा? प्रस्तावित निवेश और रोजगार के लक्ष्य कब वास्तविकता बनेंगे? नई योजनाओं की समय-सीमा और खर्च का सार्वजनिक हिसाब कैसे रखा जाएगा?
प्रचंड प्रहार का निष्कर्ष: 19 फैसले विकास की दिशा दिखाते हैं, लेकिन जनता को केवल घोषणाएं नहीं, परिणाम चाहिए। किसानों को समय पर भुगतान, मरीजों को निर्बाध इलाज, नागरिकों को टिकाऊ सड़कें और युवाओं को वास्तविक रोजगार मिले—तभी कैबिनेट के फैसलों की असली सफलता साबित हो



