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दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना एक अप्रैल 2026 से चालू भारत देश की जनगणना

छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ (धर्मेंद्र कुमार पांडेय )        दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसका पहला चरण 01 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। पहली बार, जनगणना डिजिटल रूप में आयोजित की जाएगी, और पहली बार ‘स्व-गणना’ का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
स्व-गणना फिर मकान गणना
नई दिल्ली, दिल्ली छावनी बोर्ड, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में 01 अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्व-गणना और 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और आवास जनगणना आयोजित की जाएगी।
16 जून 2025 को अधिसूचित की गयी
भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 आयोजित करने के आशय को 16 जून, 2025 को भारत के राजपत्र में अधिसूचित किया गया है। जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि 01 मार्च, 2027 की 00:01 बजे होगी (लद्दाख संघ राज्य क्षेत्र तथा जम्मू-कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र एवं उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश राज्यों के हिमाच्छादित असमकालिक क्षेत्रों के लिए संदर्भ तिथि 01 अक्टूबर, 2026 की 00:01 बजे होगी)।
01 अप्रैल 2026 से जनगणना शुरू…
भारत में 01 अप्रैल अर्थात कल बुधवार से जनगणना का पहला चरण शुरू होने जा रहा है। पहले चरण में मकानों की स्थिति और परिवार की जानकारी ली जाएगी। साथ ही इससे संबंधित सवाल पूछे जाएंगे। सरकार ने कल सोमवार को 33 प्रश्न जारी कर दिए हैं, जिनकी सूची नीचे दी जा रही है। यह प्रक्रिया 01 अप्रैल से शुरू होकर 30 सितंबर तक जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़ में जनगणना की पूरी तैयारी : कार्तिकेय गोयल (जनगणना निदेशक)छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में जनगणना 16 अप्रैल से शुरू होगी, जिसमें नागरिक “स्व गणना” के माध्यम से जानकारी देंगे, तत्पश्चात 01 मई से 30 मई तक जनगणना अधिकारी-कर्मचारी नागरिकों से जनगणना आयोग द्वारा निर्धारित प्रश्नों के माध्यम से समस्त जानकारी उपलब्ध करायेंगे। राज्य में जनगणना सभी 33 जिलों, 252 तहसीलों और लगभग 19,978 गांवों में होगी, वहीं जनगणना का द्वितीय चरण फरवरी 2027 से शुरू होगा।
ऐसे होगी जनगणना की प्रक्रिया
भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि नागरिक अपने संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में गृह गणना शुरू होने से पहले 15 दिनों की अवधि के दौरान 16 भाषाओं में “स्व-गणना” के माध्यम से जानकारी दे सकते हैं, नारायण ने बताया कि जनगणना में पहली बार स्व-गणना की व्यवस्था शुरू की गई है।
पूछे जाएंगे ये 33 सवाल

भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधीकरण अथवा जनगणना नंबर)
जनगणना मकान नंबर
जनगणना मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख मुख्य सामग्री
जनगणना मकान के दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
जनगणना मकान के छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
जनगणना मकान के उपयोग
जनगणना मकान की हालत
परिवार क्रमांक
परिवार में सामान्यतः रहने वाले कुल व्यक्तियों की संख्या
परिवार के मुखिया का नाम
परिवार के मुखिया का लिंग
क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य से संबंधित है
मकान के स्वामित्व की स्थिति
परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या
परिवार में रहने वाले विवाहित दंपतियों की संख्या
पेयजल का मुख्य स्त्रोत
पेयजल स्त्रोत की उपलब्धता
प्रकाश का मुख्य स्त्रोत
शौचालय की सुलभता
शौचालय का प्रकार
गंदे पानी की निकासी
स्नानगृह की उपलब्धता
रसोई घर और एलपीजी/पीएनजी की उपलब्धता
खाना पकाने के लिए मुख्य ईंधन
रेडियो/ट्रांजिस्टर
टीवी
इंटरनेट सुविधा
लेपटॉप/कंप्यूटर
टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन
साइकिल/स्कूटर/मोटर साइकिल/मोपेड
कार/जीप/वैन
परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाला मुख्य अनाज
मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी सूचना के लिए)
ऐसे दे सकते हैं जानकारियां
जनगणना आयुक्त ने कहा कि स्व-गणना करने के लिए, परिवार का मुखिया या कोई भी सदस्य आधिकारिक पोर्टल पर मोबाइल नंबर और अन्य बुनियादी विवरणों का उपयोग करके पंजीकरण कर सकता है, जिले का चयन कर सकता है, मानचित्र पर घर का स्थान चिह्नित कर सकता है और अपनी सुविधानुसार जानकारी जमा कर सकता है।
16 अंकों की आईडी जारी होगी
आयुक्त ने बताया कि 16 अंकों की एक आईडी जनरेट की जाएगी, जिसे सत्यापन के लिए फील्ड विजिट के दौरान गणनाकर्ता के साथ साझा करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत डेटा गोपनीय रहेगा और इसका उपयोग अदालतों में या सरकारी लाभप्राप्त करने के लिए नहीं किया जा सकता है।

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