सारंगढ़ मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं की बादहाल स्थिति एक बार फिर उजागर हुई है,
जिससे आम मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा मामला ग्राम जोगीडीपा की गर्भवती महिला पुष्पा चौहान से जुड़ा है, जिन्हें आवश्यक सोनोग्राफी जांच के लिए लगातार दो दिनों तक अस्पताल के चक्कर लगाने पड़े, लेकिन सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी।
सारंगढ़ छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ (गोपेश रंजन द्विवेदी) जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब 
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में सोनोग्राफी जांच की सुविधा सप्ताह में केवल तीन दिन—मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार—को ही संचालित होती है। इसी के तहत पुष्पा चौहान शनिवार को लगभग 16 किलोमीटर दूर से अस्पताल पहुंचीं, किंतु उस दिन सोनोग्राफी कक्ष बंद मिला। इसके बाद मंगलवार को पुनः वे शारीरिक पीड़ा की अवस्था में अस्पताल पहुंचीं, परंतु न तो संबंधित चिकित्सक उपस्थित थे और न ही जांच कक्ष संचालित हो रहा था।
घंटों इंतजार के बाद भी जब कोई व्यवस्था नहीं बन सकी, तो मजबूरी में गर्भवती महिला रायगढ़ रोड स्थित एक निजी क्लिनिक की ओर रुख किया, किंतु वहां भी जांच संभव नहीं हो सकी। अंततः वे बिना उपचार के ही वापस अपने घर लौटने को विवश हो गईं।
यह घटना जिला अस्पताल में व्यवस्थागत



