होली के मौके पर शांति व्यवस्था के संबंध में सीपत थाने में शांति संपन्न शांति समिति की बैठक संपन्न

सीपत (धर्मेंद्र कुमार पांडेय) इस बार 3 मार्च को चंद्रग्रहण के कारण होलिका दहन की तिथि को लेकर बने असमंजस ने सीपत क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। कुछ गांवों में 2 मार्च की रात होलिका दहन होगा, तो कुछ में 3 मार्च को, जबकि रंगोत्सव 4 मार्च को मनाया जाएगा। ऐसे में लगातार तीन दिन 2, 3 और 4 मार्च तक शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ा चैलेंज बन गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है। रविवार को सीपत थाना परिसर में शांति समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार सोनू अग्रवाल ने की तथा थाना प्रभारी राजेश मिश्रा उपस्थित रहे होली प्रेम और परंपरा का प्रतीक अब अव्यवस्था फैलाने के ऊपर शक्ति बढ़ती जाएगी तहसीलदार सोनू अग्रवाल ने कहा कि होली और रमजान जैसे महत्वपूर्ण पर्व एक साथ पड़ना आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करने का अवसर है। उन्होंने साफ कहा कि त्योहार के नाम पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अपील की कि केमिकलयुक्त रंगों से परहेज करें, जो लोग होली नहीं खेलना चाहते उन्हें जबरदस्ती रंग न लगाया जाए। सड़क रोककर अवैध वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। मुखौटे पहनने पर भी सख्ती रहेगी क्योंकि कई अपराध मुखौटे की आड़ में होते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि होली का असली रंग प्रेम और संस्कार है। टीका लगाकर बड़ों का आशीर्वाद लेने की परंपरा को जीवित रखें, समाज को नशे से दूर रखें और भाईचारे के साथ त्योहार मनाये




