कोल माफिया और खटारा सड़कों ने ली एक और बलि: कुली में टेलर ने युवती को रौंदा, 2 घंटे तक नहीं पहुँची एम्बुलेंस
गुस्साए ग्रामीणों की ललकार: 'सड़क नहीं तो भारी वाहन नहीं, अब सीधे कलेक्टर दफ्तर में होगा हिसाब'

छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ धर्मेंद्र कुमार पांडेय 
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सीपत / बिलासपुर:
विकास के दावों के बीच सीपत क्षेत्र की सड़कें निर्दोष ग्रामीणों के लिए खूनी रेड कारपेट साबित हो रही हैं। रविवार देर रात कुली गाँव के पास कोल वाशरी के कोयला ढोने वाले एक बेकाबू टेलर ने बाइक सवार परिवार को बेरहमी से कुचल दिया। हादसा इतना खौफनाक था कि बाइक सवार युवती का शरीर दो टुकड़ों में कट गया, जबकि उसकी माँ जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।
स्वास्थ्य व्यवस्था और खाकी पर उठे तीखे सवाल
घटना के बाद सिस्टम की संवेदनहीनता का नंगा नाच देखने को मिला। हादसे के बाद तड़पती घायल महिला के लिए ग्रामीणों ने 108 एम्बुलेंस को फोन घुमाया, लेकिन 2 घंटे तक कोई सरकारी गाड़ी नहीं पहुँची। मजबूरन ग्रामीणों को निजी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ा।
घंटों बाद जब खाकी वर्दीधारी मौके पर पहुँचे, तो संवेदनशीलता दिखाने के बजाय सीपत थाना प्रभारी राजेश मिश्रा लाश हटाने का फरमान सुनाने लगे। इस पर आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को आईना दिखाते हुए कहा—”यहाँ ज़िंदा इंसान की कोई कद्र नहीं और आप लाश के सम्मान की बात कर रहे हैं?”
₹25,000 के आश्वासन से शांत नहीं होगा गुस्सा
हंगामे के बाद प्रशासनिक अमले की ओर से पीड़ित परिवार को महज ₹25,000 की सहायता राशि देने का मौखिक आश्वासन देकर मामले को शांत कराने की कोशिश की गई, लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश कम नहीं हुआ। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि उन्हें सिर्फ कागज़ी आश्वासनों की भीख नहीं, बल्कि सुरक्षित सड़क का संवैधानिक अधिकार चाहिए।
कलेक्टर दफ्तर का होगा घेराव
थाना प्रभारी और पटवारी द्वारा पल्ला झाड़े जाने के बाद अब ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। पूरा क्षेत्र कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगा । ग्रामीणों की स्पष्ट चेतावनी है—जब तक कोल वाशरी के कातिल वाहनों पर ‘नो-एंट्री’ नहीं लगती और PWD व प्रबंधन पर FIR दर्ज करना होगा ।
आवश्यकता पड़ी तो मृतका के शव के साथ सड़क पर चक्काजाम किया जाएगा।


