सीपत क्षेत्र के 25 गांवों में ‘डिजिटल ब्लैकआउट’ के खिलाफ युवाओं का हल्लाबोल; डिप्टी कलेक्टर शिव बैनर्जी ने तुरंत संभाला मोर्चा
Jio, और BSNL के खिलाफ 'युवा शक्ति संगठन' ने कलेक्टर को सौंपा तकनीकी ज्ञापन, प्रशासन ने कंपनियों को जारी किए कड़े निर्देश

छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ धर्मेंद्र कुमार पांडेय बिलासपुर:
“जब रिचार्ज का पैसा शहरों के बराबर है, तो गांवों के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों?” इसी सुलगते सवाल के साथ आज ‘युवा शक्ति संगठन’ के बैनर तले सीपत क्षेत्र के 25 गांवों के युवाओं ने जिला कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। कुली, खम्हरिया, मडई, ऊनी, सोठीं, कर्रा कुकदा और जेवरा सहित अंचल के कई गांवों में मोबाइल नेटवर्क की बदतर स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। इस दौरान संगठन के प्रमुख पदाधिकारी अजय यादव, श्रवण वस्त्रकार, महेश्वर नेताम, धर्मेन्द्र पटेल, सूरज यादव, शशिकांत और श्याम सुंदर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
**5G के दौर में 2G की स्पीड; कंपनियों की खुली लूट**
युवा शक्ति संगठन के प्रतिनिधि अर्जुन वस्त्रकार ने टेलीकॉम कंपनियों को घेरते हुए कहा कि Jio, Airtel और BSNL जैसी बड़ी कंपनियां ग्रामीणों से पूरी कीमत वसूल रही हैं, लेकिन सेवा के नाम पर सिर्फ धोखा मिल रहा है। उन्होंने तकनीकी खामियों को उजागर करते हुए बताया, “ग्रामीण क्षेत्रों में लगे टावरों की ‘बैकहॉल क्षमता’ (Network Capacity) और ‘फ्रीक्वेंसी’ आबादी के अनुपात में बेहद कम है। लोड बढ़ते ही नेटवर्क क्रैश हो जाता है। डिजिटल इंडिया के इस दौर में बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, बुजुर्गों का राशन दुकान में ई-केवाईसी नहीं हो पा रहा है और आपातकाल में एम्बुलेंस तक को फोन नहीं लगता। यह गांवों के साथ सीधा-सीधा डिजिटल भेदभाव है।”
**ज्ञापन मिलते ही एक्शन में आए डिप्टी कलेक्टर शिव बैनर्जी**
मामले की गंभीरता और युवाओं के आक्रोश को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। मौके पर मौजूद डिप्टी कलेक्टर शिव बैनर्जी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इस जनहित के मुद्दे को हाथों-हाथ लिया। उन्होंने बिना वक्त गंवाए मौके पर ही समस्या का संज्ञान लेते हुए तीनों प्रमुख कंपनियों (Jio, Airtel, BSNL) के नाम दर्ज किए। डिप्टी कलेक्टर ने ज्ञापन में उल्लेखित तकनीकी खामियों की मार्किंग करते हुए टेलीकॉम कंपनियों व संबंधित नोडल अधिकारियों को तत्काल ‘फ्रीक्वेंसी ऑप्टिमाइजेशन’ और नेटवर्क सुधार करने के कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ग्रामीणों को इस समस्या से जल्द राहत दिलाई जाएगी।
*सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी*
युवा शक्ति संगठन ने साफ किया है कि वे प्रशासनिक निर्देश के बाद अब कंपनियों की जमीनी कार्रवाई पर पैनी नजर रखेंगे। संगठन के प्रतिनिधि अर्जुन वस्त्रकार ने चेतावनी दी कि यदि तय समय-सीमा के भीतर सीपत क्षेत्र के टावरों को तकनीकी रूप से अपग्रेड नहीं किया गया, तो क्षेत्र के हजारों ग्रामीण टेलीकॉम कंपनियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।



