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प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को 1.5 लाख तक त्वरित और निःशुल्क इलाज

प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को 1.5 लाख तक त्वरित और निःशुल्क इलाज
छत्तीगढ़ 24 न्यूज भारत सरकार की पीएम राहत (PM-RAHAT) योजना जिले में लागू की गई है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती अवधि के दौरान अधिकतम 7 दिनों तक या 1.50 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बिलासपुर डॉक्टर शुभा गरेवाल ने बताया कि योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के दौरान तत्काल उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी जान बचाई जा सके। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अस्पतालों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा राज्य स्तर पर भी प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत जिले के सरकारी एवं निजी कुल 37 अस्पतालों को पंजीकृत किया गया है, जहां दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल उपचार की सुविधा मिलेगी। सरकारी अस्पताल में सीएचसी तखतपुर, सीएचसी बिल्हा, सीएचसी मस्तूरी, सीएचसी कोटा, सिम्स बिलासपुर तथा जिला अस्पताल बिलासपुर शामिल हैं।

जिले के ये निजी अस्पताल हैं शामिल

आरबी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, अंकुर ट्रॉमा केयर नर्सिंग होम, आरोग्य हॉस्पिटल, अर्पा मेडिसिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, बर्न ट्रॉमा रिसर्च सेंटर, केयर एन क्योर मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, गजानन स्मृति चिकित्सालय, जन स्वास्थ्य सहयोग, खंडूजा ऑर्थोकेयर एक्सीडेंट हॉस्पिटल, लाल चंदानी हॉस्पिटल, एंडोस्कोपी रिसर्च सेंटर, लाइफ केयर हॉस्पिटल, मेडिबोन हॉस्पिटल, मूंदड़ा हॉस्पिटल, न्यू जनता हॉस्पिटल, न्यू वंदना हॉस्पिटल, नोबल हॉस्पिटल, प्रभा हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर, रामकृष्ण हॉस्पिटल, संजीवनी हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर, शिवांगी हॉस्पिटल, श्री मंगला हॉस्पिटल, श्री श्याम मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, श्रीराम केयर हॉस्पिटल, श्री शाह न्यूरो हॉस्पिटल, साइंसेज रिसर्च सेंटर, सुखम आरोग्यालय, यूनिटी हॉस्पिटल तथा यूनिटी स्माइल ट्रॉमा केयर हॉस्पिटल शामिल हैं।सीएमएचओ डॉ गरेवाल ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति को नजदीकी पंजीकृत अस्पताल में तत्काल पहुंचाकर योजना का लाभ दिलाने में सहयोग करें, ताकि समय पर उपचार से गंभीर परिणामों से बचा जा सके।

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